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* चन्द्र के अशुभ प्रभाव को कम करने के लिए और चन्द्र को बलि बनाने के लिए सोमवार का व्रत करना बहोत फलदायक है. इस व्रत को करने से व्यापार के लाभ में वृद्धि होती है. यह व्रत मानसिक कष्ट विकारों का नाशक भी है. इस व्रत को निम्न तरीके से पूर्ण श्रद्धा के साथ करे.


* सोमवार व्रत विधि :

- सोमवार का व्रत चैत्र, वैशाख, श्रावण, कार्तिक या मार्गशीर्ष माह के शुक्ल पक्ष के प्रथम सोमवार से प्रारंभ करे और १० या ५४  सोमवार तक करे.
- सोमवार के दिन प्रात: स्नान आदि करके सफ़ेद वस्त्र धारण करे एवं मस्तक पर चन्दन का तिलक करे तथा शिव मंदिर में जाकर दर्शन और धुप दीप करे. एवं "ॐ श्रां श्रीं श्रौं स: चन्द्रमसे नम:" इस बिज मंत्र का यथाशक्ति जाप करे.
- इस दिन भोजन सूर्यास्त के पश्चात करे. भोजन में खीर बनाये. भोजन से पूर्व खीर का कुछ भाग किसी विद्यार्थी को देकर भोजन करे. भोजन में प्रथम ७ ग्रास खीर ग्रहण करे फिर अन्य पदार्थ ग्रहण करे.
- अंतिम सोमवार को हवन क्रिया के पश्चात बालक-विद्यार्थी को खीर सहित भोजन कराकर दक्षिणा स्वरूप चांदी या सफ़ेद वस्त्र प्रदान करे.

* व्रत कब नष्ट नहीं होता है : व्रत के दिन जल, सभी प्रकार के फल, दूध एवं दूध से बने पदार्थ या औषध सेवन करने से व्रत नष्ट नहीं होता है.

* व्रत कब नष्ट होता है : व्रत के दिन एक बार भी पान खाने से, दिन के समय सोने से, स्त्री रति प्रसंग आदि से व्रत नष्ट होता है.

email : gurukrupajyotish@yahoo.in




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