* ग्रहो के रत्न और इनका प्रभाव:

मोती(Pearl): यह रत्न चन्द्र देवता को बलवान बनाने के लिये धारण कीया जाता है. इसका रंग सफ़ेद से लेकर हल्का पीला रंग तक का होता है. इस रत्न को धारण करने से मानसिक शांति तथा विविध प्रकार की सुख सुविधाये प्राप्त होती है.

पन्ना(Emerald): यह रत्न बुध देवता को बलवान बनाने के लिये धारण कीया जाता है. इसका रंग हल्के हरे से लेकर गेहरे हरे रंग तक का होता है. इस रत्न को धारण करने से अच्छी वाणी, व्यापार्, अच्छी महेनत, सेहत, धन-धान्य तथा अन्य बहोत कुछ प्राप्त होता है.

हिरा(Zirconia): यह रत्न शुक्र देवता को बलवान बनाने के लिये धारण कीया जाता है. यह रत्न रंगहीन पानी या कांच की तरह होता है. इस रत्न को धारण करने से सांसारिक सुख-सुविधा, ऐशवर्य, मानसिक प्रसन्नता तथा अन्य बहोत कुछ प्राप्त होता है.

गोमेद(Garnet): यह रत्न राहू देवता को बलवान बनाने के लिये धारण कीया जाता है. इसका रंग हल्के शहद से लेकर गेहरे शहद रंग तक का होता है. इस रत्न को धारण करने से अकस्मात ही कही से धन अथवा अन्य लाभ प्राप्त होता है.

माणिक्य(Ruby): यह रत्न सुर्य देवता को बलवान बनाने के लिये धारण कीया जाता है. इसका रंग हल्के गुलाबी से लेकर गेहरे लाल रंग तक का होता है. इस रत्न को धारण करने से व्यवसाय मे लाभ, प्रसिद्धि, रोगो से लडने की शारीरिक क्षमता, मानसिक स्थिरता, राज-दरबार से लाभ तथा अन्य प्रकार के लाभ प्राप्त होते है.

मूंगा(Coral): यह रत्न मंगल देवता को बलवान बनाने के लिये धारण कीया जाता है. इसका रंग हल्के लाल से लेकर गेहरे लाल रंग तक का होता है. इस रत्न को धारण करने से शारीरिक तथा मानसिक बल, अच्छे दोस्त, धन तथा अन्य बहोत कुछ प्राप्त होता है.

पुखराज(Yellow Sapphire): यह
रत्न गुरु
देवता को बलवान बनाने
के लिये
धारण कीया
जाता है.
इसका रंग हल्के पीले से लेकर गेहरे पीले रंग तक का होता है.
इस रत्न
को धारण
करने से धन, विध्या, समृध्धि, अच्छा स्वास्थ्य
तथा अन्य
बहोत कुछ प्राप्त होता
है.

नीलम(Blue Sapphire): यह रत्न शनि देवता को बलवान बनाने के लिये धारण कीया जाता है. इसका रंग हल्के नीले से लेकर गेहरे नीले रंग तक का होता है. इस रत्न को धारण करने से धन, सुख, समृध्धि, नौकर-चाकर, व्यापारिक सफ़लता तथा अन्य बहोत कुछ प्राप्त होता है.

लहसुनिया(Cat's Eye): यह रत्न केतु देवता को बलवान बनाने के लिये धारण कीया जाता है. इसका रंग लहसुन से लेकर गेहरे भुरे रंग तक का होता है. इस रत्न को धारण करने से व्यवसायिक सफ़लता, आध्यात्मिक प्रगति तथा अन्य बहोत कुछ प्राप्त होता है.
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पता :
पं. कंदर्प आचार्य
गुरुकृपा, जैन मंदीर के पास,
मु.पो.- लिमडी, ता- झालोद, जि- दाहोद.
पिन कोड- 389180 ( गुजरात )
मो: 09724452512, 09724452616
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